यूपी में अब वृद्ध, दिव्यांग और असहाय लोगों के घर पहुंचेगा मुफ्त राशन, सरकार ने शुरू की नई पहल
Free rations will now be delivered to the homes of the elderly
लखनऊ। Free rations will now be delivered to the homes of the elderly, खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय ने कहा है कि अब राज्य के प्रत्येक वृद्ध, दिव्यांग, असहाय और निराश्रित व्यक्ति के घर तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का खाद्यान्न पहुंचाया जाएगा। अब उन्हें सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों तक नहीं जाना होगा। इसमें शिथिलता करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
ऐसे लोगों को चिन्हित करने का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त दो माह में 47 लाख लोगों को मुफ्त खाद्यान्न योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इस दिशा में अभियान चल रहा है।
बुधवार को लोकभवन में पत्रकार वार्ता में मंत्री पांडेय ने कहा कि वह अब तक 16 जिलों में चौपाल लगाकर जनता की समस्या सुन चुके हैं। बिना भेदभाव, राजनीतिक कटुता के 16 करोड़ नागरिकों को खाद्यान्न योजना का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सीधा निर्देश है कि एक भी पात्र वंचित नहीं रहना चाहिए, राजनीतिक कारणों या ग्रामीण स्तर पर प्रतिद्वंदिता चलते अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम लाभार्थी सूची से कट गया है तो ग्रामीण चौपालों में ही उसे जोड़ा जाएगा।
प्रत्येक पंचायत में बनाए जाएंगे अन्नपूर्णा भवन
इसी निगरानी वह खुद कर रहे हैं हैं। सीधे ग्रामीणों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों को गांव-गांव जाने का निर्देश दिया गया है। वह खुद गांवों में प्रवास करेंगे और लोगों की बात सुनेंगे।
मंत्री ने गेहूं, धान, मक्का खरीद योजनाओं में सरकार की उपलब्धियों की ब्यौरा देते हुए कहा कि घटतौली, अनियमितता पर जो दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई में होती दया नहीं दिखायी जाएगी। टोल-फ्री नंबर पर शिकायतें की जा सकती हैं, इस नंबर को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
अन्नापूर्णा भवन बनाये जा रहे हैं। प्रत्येक पंचायत में अन्नपूर्णा भवन बनाए जाएंगे। जिसमें उपभोक्ताओं को बैठने, पानी और शौचालय की व्यवस्था भी करायी जाएगी। अन्नपूर्णा भवन मुख्य सड़कों के किनारे बनाये जाएंगे। मंत्री ने कहा है कि सरकार का प्रयास है कि जिन बेटियों का विवाह किसी दूसरे राज्य, जिले में हो गया है, उन्हे उनके सुसराल के क्षेत्र में राशन का सुविधा मिलने लगे। अब तक 55,910 बेटियों को इस सुविधा का लाभ दिया जा चुका है।